Himachal Bus Tragedy: Sirmaur में Private Bus 500-Feet खाई में गिरी, 9 की मौत, 40 से ज्यादा घायल

 


हिमाचल प्रदेश के सिरमौर ज़िले में गुरुवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया, जब हरिपुरधार के पास एक private bus 500-feet गहरी खाई में गिर गई। हादसे में अब तक 9 लोगों की मौत और 40 से अधिक यात्री घायल हुए हैं। कई घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है और उनका इलाज अलग-अलग अस्पतालों में जारी है।

हादसा आखिर हुआ कैसे?

मिली जानकारी के अनुसार बस Solan से Haripurdhar की ओर जा रही थी। रास्ता पहाड़ी होने की वजह से यहां sharp curves और blind turns हैं। eyewitnesses और प्रारंभिक रिपोर्ट्स के मुताबिक एक मोड़ पर ड्राइवर ने बस से नियंत्रण खो दिया और बस तेजी से नीचे valley में जा गिरी।

लोगों के अनुसार बस पहले 200-feet नीचे लुढ़की और फिर एक चट्टान से टकराकर लगभग 500-feet नीचे overturned होकर रुक गई। overturn होने की वजह से कई यात्री सीटों के नीचे और खिड़कियों के पास फंस गए, जिससे उन्हें बाहर निकालना मुश्किल हो गया।

हादसे का मुख्य कारण क्या माना जा रहा?

हादसे के पीछे क्या वजह रही इस पर अभी जांच जारी है, लेकिन शुरुआती संकेत कुछ अहम कारणों की ओर इशारा करते हैं। स्थानीय स्तर पर माना जा रहा है कि बस पर अपनी क्षमता से अधिक यात्री सवार थे और साथ ही साथ बस संकीर्ण पहाड़ी मोड़ों पर ओवर-स्पीडिंग कर रही थी। लंबा रूट होने के कारण ड्राइवर की थकान भी एक गंभीर फैक्टर हो सकता है। वहीं मैकेनिकल टीम brake और अन्य mechanical failure की संभावना की भी जांच कर रही है।

हरिपुरधार का यह रूट पहले से ही sharp curves के लिए जाना जाता है। गांव वालों का कहना है कि इस मार्ग पर बसें अक्सर तेज रफ्तार में चलती हैं और मोड़ों पर हादसे पहले भी हो चुके हैं। Road safety experts ने भी कहा कि यहां steel barriers, speed warning signboards और safety fencing की कमी है, जिसके कारण पहाड़ी रूट पर जोखिम और बढ़ जाता है।

स्थानीय लोग बने फरिश्ते

घटना के बाद सबसे पहले आसपास के गांवों के लोग मौके पर पहुँचे और rescue operation में जुट गए। बिना इंतज़ार किए स्थानीय लोगों ने रस्सियों और कपड़ों की मदद से हादसे वाली जगह में उतरकर घायलों को ऊपर लाना शुरू किया। इस दौरान कई लोग खुद भी चोटिल हुए।

एक स्थानीय युवक ने कहा:

“अगर हम 5-10 मिनट देर से पहुँचते तो कई यात्री मलबे में फंसे रह जाते। सड़क संकरी है और rescue दल को नीचे पहुँचना आसान नहीं था।”

Administration और Police की कार्रवाई

घटना की सूचना पर Police, SDRF और Medical teams मौके पर पहुँचीं और घायलों को Dadahu, Sangrah और Nahan Hospitals में भर्ती कराया गया। कुछ गंभीर मरीजों को Shimla और Chandigarh भेजने पर भी विचार हो रहा है।

SP Nishchit Negi ने बताया कि बस में 30–35 यात्री सवार थे और मृतकों की संख्या बढ़ सकती है क्योंकि कुछ यात्रियों की हालत अभी भी गंभीर बानी हुई है। 

CM Sukhu की प्रतिक्रिया और सहायता

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री Sukhvinder Singh Sukhu ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि हादसे में खोई गई हर एक जान बेहद कीमती है और राज्य सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि राहत और बचाव कार्य तेज गति से जारी रहे और गंभीर रूप से घायल यात्रियों को बिना देरी specialized medical treatment दिया जाए।

सूत्रों के अनुसार, सरकार मृतकों के परिजनों के लिए compensation package की घोषणा पर विचार कर रही है, जबकि गंभीर घायलों के इलाज का खर्च सरकार उठाएगी। प्रशासन ने यह भी बताया कि जरूरत पड़ने पर airlift evacuation की व्यवस्था की जा सकती है ताकि critical condition वाले मरीजों को शिमला या चंडीगढ़ जैसे बड़े अस्पतालों में तुरंत शिफ्ट किया जा सके। इसी के साथ, जिले को immediate relief funds भी जारी कर दिए गए हैं।

CM Sukhu ने यह भी माना कि यह घटना पहाड़ी इलाकों में road safety और passenger safety के लिए बड़ी चेतावनी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आगामी दिनों में ऐसे रूट्स की समीक्षा करेगी जहाँ accident risk ज्यादा है और fencing, speed control और driver training जैसी व्यावहारिक सुधार की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार पहले भी कई पहाड़ी क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ाने पर काम कर रही है, लेकिन इस हादसे ने स्पष्ट कर दिया कि अभी और प्रयासों की जरूरत है।

 

क्या सड़क सुरक्षा पर सवाल उठते हैं?

सिरमौर, शिमला, किन्नौर, कुल्लू और चंबा जैसे पहाड़ी जिलों में बसे routes high-risk zones माने जाते हैं। पिछले कुछ सालों में Himachal में road accidents के आंकड़ों ने सरकार को चिंतित किया है, हालाँकि कई प्रवन्ध करने के बावजूद राज्य सरकार हादसों के आंकडो को काम करने में पूरी तरहाँ विफल रही है।

अब देखना ये है की आने वाले समय में सड़क सुरक्षा को लेकर सरकार क्या नए कदम उठाती है।

परिवारों की पीड़ा

हादसे की सूचना मिलते ही गांवों में शोक का माहौल फैल गया है और परिजन घायलों तथा लापता लोगों की जानकारी लेने के लिए अस्पतालों और दुर्घटना स्थल पर पहुँचने लगे हैं। घायल यात्रियों में कई ऐसे थे जो रोज़ाना स्कूल, कॉलेज या काम के लिए इसी बस से यात्रा करते थे, इसलिए परिवारों में बेचैनी और बढ़ गई।

एक स्थानीय महिला ने बताया,

“हमारे गांव की दो महिलाएं और एक लड़का बस में थे। अभी तक नहीं पता कौन safe है।”

दोपहर तक घायलों का इलाज जारी रहा और परिजन अस्पतालों के बाहर अपडेट का इंतज़ार करते नजर आए। इस हादसे ने एक बार फिर पहाड़ी रूट्स पर road safety और infrastructure सुधार की जरूरत को उजागर किया है। फिलहाल प्रशासन मामले की जांच में जुटा है और इलाके में शोक की स्थिति है।


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