भारत के ऑटो सेल्स में नया रिकॉर्ड: अक्टूबर 2025 ने बनाया इतिहास

भारत के ऑटोमोबाइल सेक्टर ने अक्टूबर 2025 में ऐसा प्रदर्शन किया जो अब तक के सभी रिकॉर्ड तोड़ गया।
Federation of Automobile Dealers Associations (FADA) के अनुसार, इस महीने कुल रिटेल वाहन बिक्री में करीब 40.5% की शानदार वृद्धि दर्ज की गई।



ये सिर्फ आंकड़े नहीं हैं — बल्कि यह भारत के आर्थिक आत्मविश्वास, ग्रामीण मांग, और EV क्रांति के साथ बदलती उपभोक्ता सोच का प्रमाण है।

क्यों खास रहा अक्टूबर 2025?

त्योहारों का मौसम हमेशा से ऑटो इंडस्ट्री के लिए शुभ माना जाता है।
लेकिन इस बार की कहानी कुछ अलग थी —
बाजार में नई चमक थी, शो-रूम भरे हुए थे, और हर ब्रांड ने अपनी बेस्ट सेलिंग महीने की रिपोर्ट दी।

  • कुल मिलाकर 4.2 मिलियन से अधिक वाहन बिके — जो भारत के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी मासिक बिक्री है।

  • पैसेंजर व्हीकल्स (PV) सेगमेंट में लगभग 11–23% की वृद्धि, जबकि टू-व्हीलर्स में 52% तक उछाल दर्ज हुआ।

  • ग्रामीण इलाकों में वाहन बिक्री शहरी बाजारों से तीन गुना तेज़ रही — खासकर अच्छी फसल और किसानों की बढ़ी आमदनी के कारण।

 बिक्री में उछाल के प्रमुख कारण

1. फेस्टिव सीजन की खरीदारी

दशहरा, नवरात्रि, दीवाली और शादी का सीजन — सब एक साथ आने से ग्राहकों की भीड़ उमड़ पड़ी।
ऑटो डीलर्स ने बताया कि “0% EMI” और “त्योहारी छूट” जैसी ऑफर स्कीमें लोगों को तुरंत खरीदने के लिए प्रेरित कर रही थीं।
कई जगहों पर तो डिलीवरी के लिए हफ्तों की वेटिंग लिस्ट लग गई।

2. ग्रामीण क्रय-शक्ति में वृद्धि

इस साल मानसून सामान्य रहा और फसलों की पैदावार अच्छी हुई।
किसानों की आमदनी बढ़ी, जिससे उन्होंने ट्रैक्टर, बाइक और छोटे कमर्शियल व्हीकल्स की खरीदारी की।
गांवों में अब कार और बाइक “स्टेटस सिंबल” से ज्यादा “ज़रूरत” बन चुकी है।

3. GST 2.0 का असर

सरकार के नए GST ढांचे ने एंट्री-लेवल वाहनों पर टैक्स में राहत दी।
इससे पहली बार खरीदने वालों के लिए कीमतें और आसान हो गईं।
बैंकों ने भी आसान लोन और कम ब्याज दरों के साथ ग्राहकों को सपोर्ट किया।

4. नए मॉडल्स और EV लॉन्च

Tata Motors, Maruti Suzuki, Mahindra, Hyundai और MG जैसे ब्रांड्स ने अक्टूबर में कई नए EV और हाइब्रिड मॉडल लॉन्च किए।
ग्राहकों को “upgrade” का विकल्प मिला — जिससे वे पुराने वाहनों से नए टेक्नोलॉजी वाले मॉडल की ओर बढ़े।

 सेगमेंट-वार परफॉर्मेंस

सेगमेंटअक्टूबर 2025 में वृद्धि (YoY)
पैसेंजर व्हीकल्स (कार/SUV)11% – 23%
टू-व्हीलर्स52%
कमर्शियल व्हीकल्स15% – 18%
इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV + E2W)50%+

यह डेटा साफ़ बताता है कि वृद्धि सिर्फ एक सेगमेंट में नहीं बल्कि पूरे सेक्टर में फैली हुई है।

कौन से ब्रांड्स आगे रहे?

  • Maruti Suzuki ने अपनी अब तक की सबसे अधिक मासिक बिक्री दर्ज की।

  • Tata Motors ने EV और SUV सेगमेंट में रिकॉर्ड बनाया।

  • Mahindra & Mahindra को खासकर ग्रामीण इलाकों और लॉजिस्टिक वाहनों में मजबूत डिमांड मिली।

  • Hero MotoCorp और TVS Motors ने टू-व्हीलर मार्केट में दोबारा अपनी पकड़ मजबूत की।

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इलेक्ट्रिक वाहनों का तेजी से बढ़ता बाजार

EV सेगमेंट इस साल का सबसे बड़ा सरप्राइज रहा।
अक्टूबर में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स की बिक्री 1 लाख यूनिट्स पार कर गई — जो एक ऐतिहासिक माइलस्टोन है।
इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री भी पहले की तुलना में 60% से अधिक बढ़ी।

सरकार की FAME II स्कीम और राज्यों के EV सब्सिडी प्रोग्राम्स ने इस ग्रोथ में अहम भूमिका निभाई।
अब शहरों के साथ-साथ छोटे कस्बों में भी EV चार्जिंग स्टेशनों का नेटवर्क बढ़ रहा है।

 उद्योग की चुनौतियाँ

भले ही बिक्री बढ़ी है, लेकिन इंडस्ट्री कुछ चुनौतियों से भी जूझ रही है:

  • स्टील और बैटरी जैसी कच्चे माल की कीमतें बढ़ रही हैं।

  • EV चार्जिंग नेटवर्क अभी सीमित है, खासकर ग्रामीण इलाकों में।

  • कुछ कंपनियाँ एक्सपोर्ट मार्केट में मंदी की वजह से दबाव महसूस कर रही हैं।

इसके बावजूद, ऑटो सेक्टर का मूड पॉजिटिव बना हुआ है।

सरकार की नीतियाँ और भविष्य की दिशा

सरकार ने “विकसित भारत 2047 ऑटो विज़न” के तहत EV, हाइब्रिड फ्यूल और ग्रीन मोबिलिटी पर जोर दिया है।
अब GST 2.0 और नई EV नीति के साथ, सरकार चाहती है कि भारत अगले 10 वर्षों में एशिया का सबसे बड़ा वाहन बाजार बने।

इसके अलावा, सरकार लोन सब्सिडी, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और लोकल मैन्युफैक्चरिंग को भी बढ़ावा दे रही है।

 Auto Experts का मानना है

ऑटो विश्लेषकों का कहना है कि यह सिर्फ बिक्री का रिकॉर्ड नहीं, बल्कि आर्थिक भरोसे की वापसी है।
जब देश के ग्रामीण और शहरी दोनों उपभोक्ता एक साथ खर्च करने लगते हैं, तो यह संकेत होता है कि अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है।

EV क्रांति और हाइब्रिड टेक्नोलॉजी आने वाले 5 सालों में भारत को “मोबिलिटी हब” बना सकती है।

👉 नवीनतम ऑटो रिपोर्ट्स देखें:https://www.fada.in/auto-data/

 आगे क्या?

  • नवंबर और दिसंबर में भी बिक्री तेज़ रहने की उम्मीद है, क्योंकि अभी शादी का सीजन बाकी है।

  • कंपनियाँ अब छोटे शहरों में नए डीलरशिप नेटवर्क खोल रही हैं।

  • EV और हाइब्रिड व्हीकल्स की कीमतें घटने की संभावना है — जिससे और ग्राहक इस दिशा में आकर्षित होंगे।

  • 2026 तक भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा वाहन बाजार बन सकता है।

अक्टूबर 2025 भारत के ऑटो सेक्टर के लिए एक सुनहरा अध्याय बन गया है।
त्योहारों की रौनक, किसानों की खुशहाली, EV क्रांति और नई सरकारी नीतियों ने मिलकर ऑटो इंडस्ट्री को नई उड़ान दी है।

अगर यही रफ्तार बनी रही, तो आने वाले कुछ सालों में भारत सिर्फ वाहन बेचने वाला देश नहीं,
बल्कि दुनिया का ऑटोमोबाइल लीडर बन सकता है।

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